*चार सौ से अधिक पत्रकारों की मौजूदगी में बीएसपीएस की 13वीं राष्ट्रीय बैठक, सुरक्षा-कल्याण पर बनी रणनीति
*पत्रकार सुरक्षा, आवास और नेशनल रजिस्टर के मुद्दे पर देशभर के पत्रकारों ने उठाई आवाज
विशाखापत्तनम (आंध्रप्रदेश)-भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ (बीएसपीएस) की 13वीं राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आयोजित हुई। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे वरिष्ठ पत्रकारों ने बैठक में पत्रकारों की सुरक्षा, आवासीय सुविधाओं, पत्रकार रजिस्टर, पत्रकार कल्याण कोष और पत्रकारों के अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श किया। बैठक में पत्रकारों से जुड़े मुद्दों पर विभिन्न राज्यों की सरकारों के रवैये की भी समीक्षा की गई।

राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मुख्य बैठक डॉ. वाई.वी.एस. मूर्ति सभागार, विशाखापत्तनम में आयोजित हुई। बैठक का केंद्रीय विषय ‘रोल ऑफ एथिकल जर्नलिज्म इन स्ट्रेंथनिंग डेमोक्रेसी’ रहा। वक्ताओं ने लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में जिम्मेदार और नैतिक पत्रकारिता की भूमिका पर विचार रखे। इस दौरान पत्रकारों की स्वतंत्रता के साथ उनकी सुरक्षा और सामाजिक-आर्थिक हितों को सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में स्थानीय सांसद श्री भारत, पूर्व राज्यसभा सांसद जी.वी.एल. नरसिम्हा, भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ के संस्थापक शाहनवाज हसन, राष्ट्रीय महामंत्री गिरिधर शर्मा, आंध्र प्रदेश अध्यक्ष बीर भद्र राव, राघवेंद्र मिश्रा, आई.वी. कश्यप सहित विभिन्न राज्यों के पदाधिकारी और वरिष्ठ पत्रकार मौजूद रहे। पश्चिम बंगाल के अध्यक्ष शुभेंदु चटर्जी, उत्तराखंड अध्यक्ष चंद्रवीर गायत्री, बिहार अध्यक्ष अजय कुमार, तमिलनाडु अध्यक्ष शिवा, झारखंड अध्यक्ष जावेद, छत्तीसगढ़ तथा मध्य प्रदेश से कृष्ण मोहन झा समेत बड़ी संख्या में प्रतिनिधियों ने बैठक में भाग लिया।
बैठक में पत्रकारों के हितों से जुड़े विभिन्न प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। वक्ताओं ने पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर राज्यों में प्रभावी व्यवस्था बनाने तथा पत्रकारों के लिए आवास और कल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता देने की मांग उठाई। कई राज्यों में पत्रकार रजिस्टर की व्यवस्था नहीं होने पर भी चिंता व्यक्त की गई।
बैठक में पत्रकारों की हत्या, हिंसा, धमकी और झूठे मुकदमों जैसे मामलों पर गंभीर चिंता जताई गई। पत्रकार कल्याण कोष के कथित दुरुपयोग के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने पत्रकार सुरक्षा की स्थिति के आधार पर राज्यों की स्थिति का दस्तावेज तैयार कर संबंधित विषयों को केंद्र सरकार के समक्ष रखने पर सहमति व्यक्त की।
पत्रकारों से जुड़े विषयों पर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार और मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों का बैठक में उल्लेख किया गया। संघ के प्रतिनिधियों ने इन दोनों राज्यों में पत्रकार हितों से संबंधित पहल को लेकर समर्थन व्यक्त किया। साथ ही अन्य राज्यों में भी पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और कल्याण के लिए प्रभावी नीतियां लागू किए जाने की आवश्यकता बताई गई।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में देशभर से करीब चार सौ से अधिक पत्रकारों ने प्रतिभाग किया। इनमें विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ पत्रकारों के साथ राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित पत्रकार भी शामिल रहे।
बैठक के पहले दिन हिंद महासागर के किनारे भीमली बीच पर आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका नेतृत्व आध्यात्मिक गुरु उमर अलीसा ने किया। कार्यक्रम में स्थानीय विधायक श्रीनिवास भी उपस्थित रहे। दो दिवसीय आयोजन के दौरान राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों ने संगठन की आगामी कार्ययोजना तथा पत्रकारों से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की रणनीति पर भी चर्चा की।

