मसूरी निवासी डा हरी मोहन गोयल के कनिष्ठ पुत्र इं नमन गोयल ने बढ़ाया देवभूमि का मान, जिनेवा में कर रहे हैं भारत का प्रतिनिधित्व

National Uttarakhand

*नमन के बड़े भाई डा सुमीत गोयल भी संयुक्त राष्ट्र संगठन (UNO) में कर चुके हैं देश का प्रतिनिधित्व

*विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुख्यालय में पारंपरिक चिकित्सा के विस्तार में एआई की भूमिका पर देंगे व्याख्यान

मसूरी (उत्तराखंड)-पहाड़ की प्रतिभाएं देश-विदेश में अपनी मेधा का परचम लहरा रही हैं। मसूरी निवासी इंजीनियर नमन गोयल अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय में अधिकारी नमन गोयल इन दिनों स्विट्जरलैंड के जिनेवा स्थित विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुख्यालय में तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं। यहां वे ‘पारंपरिक चिकित्सा के विस्तार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की महत्वपूर्ण भूमिका’ विषय पर आयोजित व्याख्यान में भारत का पक्ष रखेंगे।

मसूरी के तिलक रोड निवासी डॉ. हरिमोहन गोयल के कनिष्ठ पुत्र नमन गोयल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मसूरी के केंद्रीय विद्यालय से प्राप्त की। मसूरी की वादियों से निकलकर भारत सरकार में महत्वपूर्ण दायित्व निभाने और अब वैश्विक मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने तक का उनका सफर शहर के लिए भी गौरव का विषय बना हुआ है।

नमन गोयल की जिनेवा यात्रा ऐसे समय में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जब पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ने पर दुनिया भर में विमर्श हो रहा है। व्याख्यान के दौरान वे पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के संभावित उपयोग, विस्तार और तकनीकी नवाचार से जुड़ी संभावनाओं पर विचार साझा करेंगे।

नमन गोयल के परिवार की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने की यह परंपरा भी उल्लेखनीय है। इससे पूर्व उनके बड़े भाई डॉ. सुमीत गोयल भी संयुक्त राष्ट्र संगठन (UNO) में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

मसूरी के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है कि यहां के एक और युवा ने अपनी प्रतिभा और कार्यक्षमता के दम पर देश की बात दुनिया के प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का अवसर हासिल किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *