*26 रीजन के बीच शानदार प्रदर्शन, हैदराबाद को 19 अंकों से हराकर रचा इतिहास
(अनुज सेमवाल द्वारा)
देहरादून/फगवाड़ा (पंजाब)। केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) के 55वें राष्ट्रीय खेल समारोह-2026 का आयोजन 15 से 19 जुलाई 2026 तक लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू), फगवाड़ा (पंजाब) में किया गया। पांच दिवसीय इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर के विभिन्न केवीएस रीजन के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के दौरान अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 आयु वर्ग की बालिकाओं के कबड्डी, खो-खो, शूटिंग, बॉक्सिंग और बैडमिंटन मुकाबले आयोजित किए गए।

अंडर-17 बालिका कबड्डी प्रतियोगिता में देश के कुल 26 रीजन की टीमों ने भाग लिया। बेहद प्रतिस्पर्धी मुकाबलों के बीच देहरादून रीजन की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। देहरादून रीजन ने पहली बार केवीएस राष्ट्रीय खेल समारोह की कबड्डी प्रतियोगिता में पदक जीतकर प्रदेश और रीजन का गौरव बढ़ाया।
फाइनल मुकाबले में चेन्नई रीजन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि भुवनेश्वर रीजन उपविजेता रहा। तीसरे स्थान के लिए हुए रोमांचक मुकाबले में देहरादून रीजन का सामना हैदराबाद रीजन से हुआ। देहरादून की खिलाड़ियों ने बेहतरीन सामूहिक खेल, मजबूत रक्षा पंक्ति और आक्रामक रेडिंग का प्रदर्शन करते हुए हैदराबाद को 19 अंकों के बड़े अंतर से पराजित कर कांस्य पदक अपने नाम किया।
देहरादून रीजन की टीम की कप्तान प्राची कुमारी ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार नेतृत्व किया। टीम में मोनिका जोशी, स्वीकृति और आदिता थापा (केंद्रीय विद्यालय संख्या-2 एचबीके), भावना, तान्या छेत्री, आकांक्षा और वंशिका (पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय आईआईपी) तथा नीलांजना और रश्मि (पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय संख्या-1 एचबीके) शामिल रहीं। सभी खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में अनुशासित खेल, उत्कृष्ट फिटनेस और बेहतरीन तालमेल का परिचय देते हुए यह उपलब्धि हासिल की।
टीम की इस सफलता पर खिलाड़ियों के अभिभावकों, विद्यालयों के प्राचार्यों, खेल प्रशिक्षकों तथा देहरादून रीजन के अधिकारियों ने खुशी व्यक्त करते हुए सभी खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि आने वाले वर्षों में केंद्रीय विद्यालयों की छात्राओं को कबड्डी जैसे पारंपरिक खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
देहरादून रीजन का यह कांस्य पदक केवल एक खेल उपलब्धि नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, नियमित प्रशिक्षण, अनुशासन और टीम भावना का परिणाम है। खिलाड़ियों ने यह साबित कर दिया कि समर्पण और निरंतर अभ्यास के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बनाई जा सकती है। यह ऐतिहासिक सफलता भविष्य में देहरादून रीजन की अन्य खेल टीमों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

