(अनुज सेमवाल द्वारा)
*केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक 2 हाथीबड़कला देहरादून में प्रतियोगिता का शानदार आयोजन
देहरादून। देहरादून संभाग की क्षेत्रीय संभागीय युवा संसद प्रतियोगिता के दूसरे दिन विभिन्न केंद्रीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने संसद की कार्यप्रणाली, लोकतांत्रिक परंपराओं और समसामयिक विषयों पर प्रभावी ढंग से अपने विचार रखे। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने प्रश्नकाल के माध्यम से कृषि, शिक्षा, परीक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य, साइबर अपराध और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।

कार्यक्रम की शुरुआत केंद्रीय विद्यालय आयुध निर्माणी, देहरादून के विद्यार्थियों की सहभागिता से हुई। निर्धारित संसदीय प्रक्रिया के तहत नव निर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई गई। इसके बाद उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय भुवन चंद्र खंडूड़ी के निधन पर शोक सभा आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके उपरांत प्रधानमंत्री द्वारा नवनियुक्त मंत्रियों का सदन से परिचय कराया गया।

प्रश्नकाल में विद्यार्थियों ने प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को होने वाले नुकसान और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता से जुड़े मुद्दे उठाए। यशिका ने सूखा, बाढ़, भूस्खलन, चक्रवात सहित विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे उपायों पर सवाल किया। कृषि मंत्री आदित्य जोशी ने जवाब देते हुए कहा कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए सरकार आवश्यक कदम उठा रही है।

वहीं, गीतांजलि शर्मा ने पेपर लीक की घटनाओं पर सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों की जानकारी मांगी। शिक्षा मंत्री श्रुति ममगाईं ने बताया कि परीक्षाओं की प्रिंटिंग, प्रश्नपत्रों के परिवहन तथा परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था को तकनीक के माध्यम से और अधिक मजबूत किया जा रहा है।

इसके बाद केंद्रीय विद्यालय पिथौरागढ़ के विद्यार्थियों ने युवा संसद की कार्यवाही में भाग लिया। विद्यालय के प्रतिभागियों ने भी संसदीय परंपराओं के अनुरूप कार्यवाही आगे बढ़ाई। प्रश्नकाल के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं तथा साइबर अपराध से संबंधित विषयों पर सदस्यों ने सवाल पूछकर इन चुनौतियों के समाधान की दिशा में सरकार की तैयारियों को सामने रखा।

दूसरे सत्र में केंद्रीय विद्यालय अपर कैंप के विद्यार्थियों ने सदन की कार्यवाही संभाली। इस दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के छह वर्ष पूरे होने के संदर्भ में सीमांत, पर्वतीय एवं जनजातीय क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की चुनौतियों पर चर्चा हुई। कु. आरना ने बिजली और नेटवर्क की सीमित उपलब्धता के कारण विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में हो रही कठिनाइयों को लेकर सरकार से जानकारी मांगी।
शिक्षा मंत्री कु. शनाया ने जवाब देते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन से उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात (GER) के 29.4 प्रतिशत तक पहुंचने की जानकारी दी। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में तकनीकी सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख करते हुए ऑफलाइन डिजिटल शिक्षा व्यवस्था विकसित किए जाने की बात कही।
इसी क्रम में अंशुल जोशी ने उत्तरी सीमाओं की सामरिक सुरक्षा को लेकर सरकार की तैयारियों पर सवाल किया। रक्षा मंत्री आदित्य जोशी ने कहा कि देश अब अपनी तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता के आधार पर सीमाओं की सुरक्षा को मजबूत कर रहा है। उनके जवाब के माध्यम से विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों की गंभीरता और रणनीतिक महत्व को समझा।
युवा संसद की कार्यवाही में प्रियांशी ने सेक्रेटरी जनरल की भूमिका निभाई, जबकि माही ने विदेश मंत्री के रूप में सहभागिता की। इसके अलावा स्मृति धिल्डियाल, दिव्यांशी थापा, श्रेया सहित कई विद्यार्थियों ने विभिन्न संसदीय भूमिकाओं का निर्वहन किया।
प्रतियोगिता के दिन के अंतिम प्रतिभागी के रूप में केंद्रीय विद्यालय ऋषिकेश के विद्यार्थियों ने सदन की कार्यवाही प्रस्तुत की। विद्यार्थियों ने महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ डिजिटल तकनीक के सकारात्मक उपयोग और उसके संभावित दुरुपयोग से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
पूरे आयोजन के दौरान विद्यार्थियों ने न केवल संसदीय प्रक्रिया और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का प्रदर्शन किया, बल्कि समसामयिक राष्ट्रीय एवं सामाजिक मुद्दों पर अपनी समझ और तार्किक दृष्टिकोण भी प्रस्तुत किया। युवा संसद प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली को करीब से समझने और भविष्य के जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी भूमिका के प्रति जागरूक होने का अवसर प्रदान किया।

