*12 से 25 अक्टूबर तक होगा मंचन, स्थानीय कलाकार निभाएंगे रामलीला के विभिन्न पात्र; 24 अक्टूबर को निकलेगी भरत मिलाप शोभायात्रा
राजपुर (देहरादून)। धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत रखने की अपनी दीर्घ परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आदर्श रामलीला ट्रस्ट, राजपुर इस वर्ष भी 77वें श्रीरामलीला महोत्सव का आयोजन करने जा रहा है। रामलीला का मंचन 12 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक राजपुर में किया जाएगा। आयोजन को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं और एक अक्टूबर से कलाकारों की रिहर्सल प्रारंभ होगी।

ट्रस्ट के प्रधान योगेश अग्रवाल ने बताया कि राजपुर की रामलीला की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें सभी पात्र स्थानीय कलाकार होते हैं। ये कलाकार अपने दैनिक कार्यों के साथ समय निकालकर रामलीला के विभिन्न पात्रों को जीवंत करने के लिए निरंतर अभ्यास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की सहभागिता ने इस आयोजन को वर्षों से राजपुर की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान बना रखा है।

ट्रस्ट के संरक्षक विजय जैन ने बताया कि इस वर्ष रामलीला के मंच और रंगमंचीय व्यवस्थाओं में भी बदलाव किया गया है। पिछले वर्ष एक अतिथि द्वारा दिए गए सुझाव को ध्यान में रखते हुए मंच का आकार पहले की अपेक्षा काफी बड़ा किया गया है। इसके लिए बड़े पर्दे समेत अन्य आवश्यक सामग्री की भी व्यवस्था की गई है, ताकि दर्शकों को मंचन का बेहतर अनुभव मिल सके।

ट्रस्ट के मंत्री अजय गोयल और कोषाध्यक्ष नरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि 1 अक्टूबर से रामलीला के पात्रों की रिहर्सल विधिवत शुरू कर दी जाएगी। वहीं उपप्रधान संजीव गर्ग और शिवदत्त अग्रवाल ने बताया कि 12 अक्टूबर से प्रारंभ होने वाला रामलीला मंचन 25 अक्टूबर तक चलेगा। आयोजन के दौरान विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन एवं आदर्शों को मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।
रामलीला महोत्सव का प्रमुख आकर्षण 24 अक्टूबर को होने वाला भरत मिलाप रहेगा। इस दिन कुमार भरत की श्रीराम की वन से वापसी की शोभायात्रा शहंशाह आश्रम से प्रारंभ होगी। शोभायात्रा शाम 7:30 बजे ढाकपट्टी राजपुर बस स्टैंड पहुंचेगी, जहां श्रीराम-भरत मिलाप की हृदयस्पर्शी लीला का मंचन किया जाएगा। इस प्रसंग को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों के पहुंचने की संभावना है।
प्रधान योगेश अग्रवाल ने मीडिया प्रतिनिधियों, श्रद्धालुओं, अतिथियों और क्षेत्रवासियों से राजपुर की पारंपरिक श्रीरामलीला में सहभागी बनने का आह्वान किया है। उन्होंने सभी से रामलीला के विभिन्न प्रसंगों का दर्शन कर आयोजन को सफल बनाने और धार्मिक-सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाने में सहयोग देने की अपील की।

