विज्ञान महोत्सव में 252 विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा, नाटक में बन्नू इंटर कॉलेज ने मारी बाजी

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*ब्लॉक स्तरीय आयोजन में विज्ञान मॉडल और नाट्य प्रस्तुतियों के जरिए विद्यार्थियों ने दिया नवाचार, पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवन का संदेश

रायपुर (देहरादून)- विज्ञान के प्रति जिज्ञासा, नई सोच और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से महादेवी कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज, रायपुर में ब्लॉक स्तरीय विज्ञान महोत्सव आयोजित किया गया। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने विज्ञान मॉडल, प्रोटोटाइप और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। कार्यक्रम में विज्ञान प्रदर्शनी के 143 और विज्ञान नाटक प्रतियोगिता के 109 प्रतिभागियों सहित कुल 252 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।

महोत्सव की मुख्य थीम ‘सतत एवं विकसित भारत के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार’ रही। कार्यक्रम का संयोजन ब्लॉक विज्ञान समन्वयक सरदार दलजीत सिंह ने किया। आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को वैज्ञानिक अवधारणाओं को व्यावहारिक रूप देने, समस्याओं के समाधान तलाशने और समाज के विकास में विज्ञान की भूमिका समझने का अवसर मिला।

कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि एवं हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. के. बी. जोशी ने दीप प्रज्वलित करने और फीता काटने के साथ किया। विद्यालय के एनसीसी कैडेट्स ने मुख्य अतिथि को गार्ड ऑफ ऑनर देकर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर एमकेपी इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य अर्चना पंत, खंड शिक्षा अधिकारी रायपुर हेमलता गौड़ उनियाल और जिला समन्वयक सुधीर कांति ने भी दीप प्रज्वलित किया।

विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत और सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम की शुरुआत को आकर्षक बनाया। ब्लॉक विज्ञान समन्वयक सरदार दलजीत सिंह और जिला समन्वयक सुधीर कांति ने विद्यार्थियों को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के बदलते स्वरूप से परिचित कराते हुए उन्हें जिज्ञासु बनने, सवाल पूछने और प्रयोगों के माध्यम से नई जानकारियां हासिल करने के लिए प्रेरित किया।

विज्ञान प्रदर्शनी महोत्सव का प्रमुख आकर्षण रही। रायपुर ब्लॉक के विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे विद्यार्थियों ने अपने तैयार किए मॉडल और प्रोटोटाइप प्रस्तुत किए। इन परियोजनाओं के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने अपनी वैज्ञानिक समझ, तकनीकी कौशल और रचनात्मक सोच को सामने रखा।प्रदर्शनी में जूनियर वर्ग के 51 और सीनियर वर्ग के 92 विद्यार्थियों ने भाग लिया। दोनों वर्गों को मिलाकर कुल 143 प्रतिभागियों ने अपनी परियोजनाएं प्रस्तुत कीं।

मुख्य अतिथि और अन्य अतिथियों ने प्रदर्शनी का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यार्थियों से उनके मॉडलों की कार्यप्रणाली, उद्देश्य और उपयोगिता के बारे में जानकारी ली। विद्यार्थियों ने भी उत्साह के साथ अपनी परियोजनाओं की विशेषताएं बताईं। अतिथियों ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए वैज्ञानिक गतिविधियों में निरंतर रुचि बनाए रखने का संदेश दिया।

महोत्सव में विज्ञान नाटक प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। ‘मानव जाति के कल्याण के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी’ विषय पर आधारित इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से विज्ञान के सामाजिक महत्व को रेखांकित किया।

प्रतियोगिता में 109 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। प्रस्तुतियों में पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता, वैज्ञानिक सोच और मानव कल्याण जैसे विषयों को प्रमुखता से उठाया गया। विद्यार्थियों ने नाटक के माध्यम से यह समझाने का प्रयास किया कि विज्ञान और तकनीक का सही उपयोग समाज की अनेक समस्याओं के समाधान में सहायक हो सकता है।

विज्ञान नाटक प्रतियोगिता में सनातन धर्म इंटर कॉलेज (बन्नू), देहरादून ने प्रथम स्थान हासिल किया। एमकेपी इंटर कॉलेज, देहरादून दूसरे स्थान पर रहा, जबकि पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, राजपुर रोड, देहरादून ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।विज्ञान महोत्सव के अंतर्गत अन्य निर्धारित विषयों पर आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी प्रमाणपत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

विभिन्न प्रतियोगिताओं के मूल्यांकन के लिए गठित निर्णायक मंडल में सुनील दत्त रतूड़ी, सुरेश रावत, राजेंद्र बेलवाल, कामना डिमरी, डॉ. वंदना खंडूरी, योगिता भट्ट, रविंद्र भट्ट, अनूप नेगी और हेमवन्ति सती सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।

निर्णायकों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन करते समय विषय की समझ, मौलिकता, प्रस्तुतीकरण और व्यावहारिक उपयोगिता को प्रमुख आधार बनाया। उन्होंने प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी विज्ञान संबंधी गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।

मुख्य अतिथि डॉ. के. बी. जोशी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वच्छ वातावरण बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने, स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और नशे से दूर रहने की अपील की।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अनुशासन और एकाग्रता के साथ पढ़ाई करनी चाहिए तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से प्राप्त ज्ञान का इस्तेमाल समाज और मानवता के हित में करना चाहिए। उनका संदेश रहा कि वैज्ञानिक प्रगति तभी सार्थक है, जब उसका लाभ आमजन तक पहुंचे और जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो।

कार्यक्रम का संचालन स्मिता सेमवाल, विनीता खर्कवाल और भावना नैथानी ने संयुक्त रूप से किया। आयोजन को सफल बनाने में सह-समन्वयक सुरेंद्र कुमार सहगल, ब्लॉक मंत्री नवीन पुंडीर, अभिषेक गुप्ता, डॉ. रीना अग्रवाल, देवेन्ति प्रजापति, अंशुल वालिया, अंजलि नौटियाल, लता हटाला, गीता वर्मा, उमा शर्मा, कल्पना, लता राणा, शशि, सुमन और किरन सिंह सहित अन्य लोगों का योगदान रहा।

रायपुर में आयोजित इस विज्ञान महोत्सव ने विद्यार्थियों को अपनी कल्पनाओं को मॉडल के रूप में प्रस्तुत करने और वैज्ञानिक अवधारणाओं को व्यवहार से जोड़ने का मंच दिया। विज्ञान प्रदर्शनी और नाटक प्रतियोगिता में कुल 252 विद्यार्थियों की भागीदारी ने आयोजन को व्यापक स्वरूप प्रदान किया।

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