देहरादून – सूर्य जागरण में खबर प्रकाशन से बौखलाए बद्री भाई ने बीती 10 सितंबर की रात्रि एक दो नहीं चार बार काल कर पत्रकार के परिवार को बर्बाद करने से लेकर घर से उठवा लेने व हत्या करवाने जैसी धमकियां दी। धमकियों से जी नहीं भरा तो मानहानि परक वाट्सएप मैसेज भेजा।
पत्रकार ने स्वयं को “सूचना परिवार” का हिस्सा मानते हुए इस सब घटनाक्रम की लिखित शिकायत पुलिस से करने के बजाय अपने परिवार के मुखिया विभागाध्यक्ष बंशीधर तिवारी जी से की। पत्रकार ने उपनिदेशक बद्रीचंद को निलंबित कर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
A– सूर्य जागरण की खबर पर रही मिली-जुली प्रतिक्रिया : पाठकों को सहजता से विश्वास नहीं हो रहा है बद्री भाई के इस आचरण पर –
सूर्य जागरण न्यूज पोर्टल द्वारा गत दिवस सूचना विभाग में पदस्थ उपनिदेशक बद्रीचंद के कार्यकलापों से सम्बन्धित एक खबर का प्रकाशन किया गया था। जिसका शीर्षक “बद्री भाई : सूचना विभाग प्राइवेट कार्यालय नहीं, सरकारी विभाग है, मनमानी कार्यप्रणाली नहीं चल सकेगी : लग रहे हैं जबरदस्त भ्रष्टाचार के आरोप” था।
यह खबर सूचना विभाग से लेकर पत्रकारों तक में व्यापक चर्चा का विषय रही। खबर पर मिली जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। चूंकि अपने बद्री भाई नाटकीय ढंग से बातचीत करने में माहिर हैं और उन्हें प्रिंट मीडिया का प्रभार संभाले अधिक दिन भी नहीं हुए हैं।
अतः कुछ लोगों को सहज भरोसा नहीं हो रहा था कि बद्रीभाई ऐसी भी भ्रष्ट कार्यप्रणाली अपना सकते हैं और सरकारी कार्यालय में बैठकर एक सीनियर सिटीजन आयु वर्ग के पत्रकार से बदसलूकी भी कर सकते हैं।परन्तु इस आलेख में पाठकों को प्रमाण सहित जिन तथ्यों का उल्लेख किया जा रहा है,उनको देखकर, पढ़कर स्वयं भी सहमत होंगे कि बद्रीभाई तीन -चार पदों के प्रभारी बनने से अंहकार किस हद तक मदमस्त हो गए हैं
B- बद्री भाई ने फोन पर पत्रकार को दीं संगीन धमकी : बुरा अंजाम भुगतने, पूरे परिवार को बर्बाद करने से लेकर जानमाल तक की धमकियां :-
सूर्य जागरण की खबर से बौखलाए बद्री भाई ने सम्पादक सुरेन्द्र अग्रवाल के मोबाइल नंबर पर रात्रि पर एक बार नहीं वरन चार बार वाट्सएप काल की। रात्रि 8.52,फिर 8.52 ,फिर 8.53 , फिर 8.53 पर कुल चार बार वाट्सएप काल की। पत्रकार ने तीन बार नाट रिसीव कर दिया,जब चौथी बार काल आया, तो बद्री-भाई ने उपनिदेशक नहीं वरन एक गुंडे की भांति बात करना शुरू कर दी।
उन्होंने धमकाते हुए कहा कि तुम जैसे अदना से पत्रकार की मेरे बारे में खबर छापने की हिम्मत कैसे हुई। फिर उन्होंने धमकाते हुए कहा कि मै तुम्हे व तुम्हारे परिवार को बर्बाद कर दूंगा। घर से उठवा लूंगा। हत्या करवा दूंगा।
मैंने कहा कि यदि मेरी खबर गलत है तो मेरे विरुद्ध कोर्ट में मानहानि का मुकदमा कर दो। कोर्ट में ही जवाब दे दूंगा। लेकिन संभवतया वह शराब के नशे में चूर थे तो मैंने काल डिस्कनेक्ट कर दी।


C- धमकी से जी नहीं भरा तो वाट्सएप पर अपमानजक संदेश भेजा:-
अभी भी कुछ लोगों को ऐसा लगेगा कि बद्रीभाई ने इतनी संगीन धमकीं नहीं दी होंगी। लेकिन आपको उनके द्वारा भेजे गए मैसेज का स्क्रीनशॉट देखें, पाठकों को अंदाजा हो जाएगा कि वर्तमान के बद्री भाई पद के अंहकार में किस हद तक मगरूर हो सकते हैं।

D-महानिदेशक को दी गई लिखित शिकायत ,की गई निलंबित कर उच्चस्तरीय जांच की मांग :-
बद्री भाई की फोन पर दी गई धमकियां अपराधिक किस्म की हैं। मैसेज भी मानहानिपरक है। लेकिन लेखक का मानना है कि पत्रकार हों या सूचना विभाग के अधिकारी -कार्मिक सभी “सूचना परिवार” के भाग हैं।
अतः अभी अपने परिवार के मुखिया के न्याय पर भरोसा कर विभागाध्यक्ष महानिदेशक बंशीधर तिवारी जी को स्क्रीनशॉटस के प्रिंट आउट संलग्न कर लिखित शिकायत भेजी गई है।
शिकायत में मांग की गई है कि पद के अंहकार में मदमस्त उपनिदेशक बद्रीचंद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उच्चस्तरीय जांच कर न्याय प्रदान किया जाए।

