दो दिवसीय इंस्पायर अवार्ड विज्ञान प्रदर्शनी एवं प्रोजेक्ट प्रतियोगिता का हुआ भव्य समापन : 13 बाल वैज्ञानिकों का राष्ट्रीय स्तर हेतु चयनित

National Uttarakhand

देहरादून-उत्तराखंड राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) के तत्वावधान में डॉल्फिन इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल एंड नेचुरल साइंसेज, मंडुवाला में आयोजित दो दिवसीय इंस्पायर अवार्ड विज्ञान प्रदर्शनी एवं प्रोजेक्ट प्रतियोगिता का सफलतापूर्वक समापन हो गया।

द्वितीय  दिवस पर सर्वप्रथम राज्य के सभी 13 जनपदों से आए प्रतिभागियों एवं मार्गदर्शक शिक्षकों को विज्ञान धाम, झाझरा (देहरादून) का शैक्षिक भ्रमण कराया गया। इस दौरान बाल वैज्ञानिकों ने जैव विविधता पार्क, हिमालयन गैलरी, 3D मूवी तथा तारामंडल का अवलोकन किया। तारामंडल एवं 3D मूवी ने विद्यार्थियों को अत्यंत रोमांचित किया। जीव विज्ञान में रुचि रखने वाले छात्रों ने आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रतिदर्श देखकर अपने घरों में हाइड्रोपोनिक्स एवं ऊर्ध्वाधर (Vertical) खेती अपनाने की इच्छा भी व्यक्त की।

इस अवसर पर जिला समन्वयक सुधीर कांति ने इंस्पायर अवार्ड योजना की जानकारी देते हुए बताया कि कुल 129 प्रतिभागियों में से 13 बाल वैज्ञानिकों का चयन राष्ट्रीय स्तर के लिए किया गया है। उन्होंने चयनित प्रतिभागियों, 6 ब्लॉकों के समन्वयकों तथा समस्त टीम को सफल आयोजन हेतु धन्यवाद ज्ञापित किया।

एनआईएफ के डॉ. पारस ने चयनित प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी उत्कृष्ट प्रोटोटाइप्स में से केवल 10% का चयन करना अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य था।डॉ. के.एन. बिजल्वाण (सहायक निदेशक, SCERT) ने सभी बाल वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए डॉल्फिन इंस्टीट्यूट का आयोजन स्थल उपलब्ध कराने हेतु आभार व्यक्त किया।पूर्व प्राचार्य, डायट एवं निर्णायक सदस्य डॉ. राकेश जुगराण ने कहा कि वैज्ञानिक चेतना प्रत्येक नागरिक की जीवन शैली का अभिन्न अंग होनी चाहिए और एक पूर्ण नागरिक बनने के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण आवश्यक है।डॉल्फिन इंस्टिट्यूट के निदेशक वी.के. नागपाल ने समापन समारोह में मुख्य अतिथि मेहरबान सिंह बिष्ट का स्वागत किया तथा भविष्य में भी सहयोग का आश्वासन दिया।

मुख्य अतिथि मेहरबान सिंह बिष्ट ने राष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि यदि मार्गदर्शक शिक्षक नवाचारशील (Innovative) होंगे, तो विद्यार्थी भी नवाचार की दिशा में आगे बढ़ेंगे। उन्होंने वैज्ञानिक सोच को जीवन में अपनाने पर बल दिया।निर्णायक मंडल में एनआईएफ के डॉ. पारस, दीप्ति जगूड़ी, डॉ. संध्या, डॉ. राकेश जुगराण, सुनील अग्रवाल एवं सुनील जोशी शामिल रहे। इनके द्वारा मूल्यांकन के उपरांत 129 में से 13 प्रतिभागियों का चयन राष्ट्रीय स्तर हेतु किया गया, जिन्हें प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

राष्ट्रीय स्तर हेतु चयनित प्रतिभागी इस प्रकार हैं-
अल्मोड़ा: बबीता कुँवर (मॉडर्न पब्लिक जूनियर हाई स्कूल, ताड़ीखेत)
चमोली: दिव्या भारती (रा.इं.कॉ. लाटूगैर), आदित्य (रा.हा.स्कूल, बिर्शन)
चंपावत: अर्पित सिंह राठौड़ (एलसीआरवीवी एमआईसी, टनकपुर)
देहरादून: सागर (सारदा देवी स्कूल), श्रुति (रा.बा.इं.कॉ., लक्खीबाग)
नैनीताल: गौरी तिवारी (रा.बा.हा.स्कूल, बमोरी हल्द्वानी)
पौड़ी गढ़वाल: नैतिक कुमार (जनता इंटर कॉलेज, धमकेश्वर)
टिहरी गढ़वाल: इशिका रावत (रा.इं.कॉ., चमराड़ा देवी)
उधम सिंह नगर: कोमल (रुद्र पब्लिक स्कूल, रुद्रपुर), रिथमप्रीत कौर (ब्राइट स्टार इंटरनेशनल, जसपुर), गौरव नाथ एवं कार्तिक सिंह मेहर (डायनेस्टी मॉडर्न गुरुकुल एकेडमी, खटीमा)
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित प्रमुख व्यक्तियों में अवनीश उनियाल राज्य समन्वयक, सुधीर भारती (प्रशासनिक अधिकारी), शैलेश कुमार श्रीवास्तव, दिनेश चंद्र नौटियाल (प्रधानाचार्य), रिचा जुयाल (जिला संदर्भदाता), संजय मौर्य (समन्वयक, चकराता), सरदार दलजीत सिंह (समन्वयक, रायपुर), सुरेंद्र कुमार सहगल (मीडिया प्रभारी), आशीष डबराल, दिगंबर सिंह नेगी, पवन शर्मा, वीरेंद्र रावत, राजीव अग्रवाल, नरेश कोटनाला, हेमवंती सती, आरती ममगाईं, स्मिता सेमवाल, अंजना बिष्ट, स्वाति गुसाईं, सारिका सिरोही, रमन कुमार, कविता रावत, विजय द्विवेदी, राकेश शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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