*समूहगान प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा, देशभक्ति के गीतों से सराबोर हुआ एमकेपी कॉलेज का सभागार
देहरादून। देशभक्ति की भावना, भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय एकता के संदेश के साथ भारत विकास परिषद की देहरादून शाखा ने एमकेपी स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सभागार में राष्ट्रीय समूहगान प्रतियोगिता आयोजित की। प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने अपनी सुरमयी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। देशप्रेम से ओतप्रोत गीतों ने पूरे वातावरण को उत्साह और उमंग से भर दिया।

कार्यक्रम संयोजक डॉ. मुकेश गोयल ने बताया कि परिषद की पुस्तक ‘चेतना के स्वर’ में संकलित गीतों के आधार पर प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें प्रत्येक प्रतिभागी दल के लिए एक हिंदी और एक संस्कृत गीत प्रस्तुत करना अनिवार्य था। प्रतियोगिता में चार विद्यालयों की टीमों ने भाग लेकर अपनी संगीत प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

प्रतियोगिता में डीएवी पब्लिक स्कूल, एमकेपी इंटर कॉलेज, श्री विद्या मंदिर नथुवावाला तथा श्री परशुराम मंदिर स्कूल के विद्यार्थियों ने भाग लिया। सभी टीमों ने अनुशासन, सामूहिक गायन और प्रभावशाली प्रस्तुतियों के माध्यम से निर्णायकों का ध्यान आकर्षित किया।
प्रतियोगिता में डीएवी पब्लिक स्कूल ने प्रथम स्थान प्राप्त कर विजेता का खिताब अपने नाम किया। श्री परशुराम संस्कृत विद्यालय दूसरे स्थान पर रहा, जबकि एमकेपी इंटर कॉलेज ने तीसरा स्थान हासिल किया। निर्णायक मंडल में पीयूष निगम, विशाल मिश्रा और कमल चोपड़ा शामिल रहे। सभी प्रतिभागी टीमों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि विधायक सविता कपूर ने कहा कि भारत विकास परिषद के आयोजन समाज में सकारात्मक विचारों, सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक जागरूकता को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में देशप्रेम, सामूहिकता और भारतीय परंपराओं के प्रति सम्मान की भावना विकसित करती हैं।
कार्यक्रम के दौरान परिषद सदस्य एवं ओजस्वी कवि श्रीकांत श्री ने भगवा विषय पर अपनी कविता का पाठ किया। उनकी प्रभावशाली प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों में उत्साह का संचार किया और सभागार देशभक्ति के भाव से सराबोर हो उठा।
आयोजन में परिषद के अध्यक्ष गोपाल गर्ग, डॉ. शैलेंद्र, खेमानंद, नितिन और प्रदीप सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय एकता के मूल्यों से जुड़ने का अवसर प्रदान किया।

