*बिहारी महासभा ने प्रेस वार्ता में गिनाईं सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियां
*प्रवासी समाज की सहायता से लेकर लोक परंपराओं के संरक्षण तक सक्रिय है बिहारी महासभा
(चन्दन कुमार झा, सचिव द्वारा)
देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड में बिहार की समृद्ध लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के साथ प्रवासी समाज को एकजुट करने में जुटी बिहारी महासभा आगामी 10 नवंबर को राजधानी में भव्य छठ महोत्सव आयोजित करेगी। इस धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन में देहरादून और आसपास के क्षेत्रों से 20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। महोत्सव की तैयारियों और संगठन की गतिविधियों की जानकारी महासभा के पदाधिकारियों ने शनिवार को प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में दी।
महासभा के अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा कि उत्तराखंड के विभिन्न शहरों में बिहार और पूर्वांचल मूल के बड़ी संख्या में लोग निवास करते हैं। प्रदेश की अर्थव्यवस्था, सामाजिक व्यवस्था और विकास में प्रवासी समाज के लोग विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में उनकी सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने, आपसी सहयोग को बढ़ावा देने और सामाजिक सरोकारों को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से महासभा का गठन किया गया। संस्था बिहार और उत्तराखंड के बीच सांस्कृतिक सद्भाव और आपसी जुड़ाव को मजबूत करने का भी प्रयास कर रही है।
उन्होंने बताया कि महासभा की गतिविधियां केवल पर्व-त्योहारों के आयोजन तक सीमित नहीं हैं। कोरोना काल में जरूरतमंद परिवारों को खाद्यान्न, दवाइयां, ऑक्सीजन और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ प्रवासी श्रमिकों की घर वापसी में भी सहयोग किया गया। जरूरतमंद परिवारों में किसी की मृत्यु होने पर पार्थिव शरीर को बिहार पहुंचाने, गंभीर बीमारी के उपचार और आर्थिक संकट के समय सहायता देने जैसे कार्य भी संगठन की ओर से किए जाते हैं।
कार्यकारिणी सदस्य सुरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी महासभा निरंतर सामाजिक दायित्व निभा रही है। मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करने, जरूरतमंद बच्चों को शैक्षिक सामग्री एवं फीस में सहयोग देने तथा करियर मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाते हैं। इसके अलावा रक्तदान, स्वास्थ्य परीक्षण और नेत्र जांच शिविर आयोजित किए जाते हैं। महिला विंग के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार और कौशल प्रशिक्षण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
कोषाध्यक्ष रितेश कुमार ने संस्था की सांस्कृतिक गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि भोजपुरी, मैथिली और मगही सहित बिहार की विभिन्न भाषाओं और लोक परंपराओं को उत्तराखंड में जीवंत बनाए रखना महासभा का प्रमुख उद्देश्य है। बिहार दिवस, होली मिलन, लिट्टी-चोखा महोत्सव और लोकगीत-संगीत के कार्यक्रमों के जरिए नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास किया जाता है। इन आयोजनों में स्थानीय गढ़वाली और कुमाऊंनी समाज की भागीदारी भी सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता को नई मजबूती देती है।
*छठ आयोजन के लिए घाटों पर विशेष इंतजाम
पत्रकार वार्ता में आगामी छठ महोत्सव की तैयारियों को लेकर बताया गया कि 10 नवंबर को टपकेश्वर घाट, प्रेमनगर घाट, चंद्रबनी, मालदेवता सहित देहरादून के विभिन्न छठ घाटों पर श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाएं की जाएंगी। घाटों की साफ-सफाई, सजावट और प्रकाश व्यवस्था के साथ सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
आयोजन स्थलों पर स्वयंसेवकों की तैनाती, प्रसाद वितरण, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा महिला श्रद्धालुओं के लिए चेंजिंग रूम तथा बैठने की व्यवस्था की जाएगी। पार्किंग, एंबुलेंस और प्राथमिक चिकित्सा सुविधाओं का भी प्रबंध किया जा रहा है। इन व्यवस्थाओं को सुचारु बनाने के लिए संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस विभाग के साथ समन्वय किया जाएगा।
महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि छठ महापर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्रकृति, सूर्य और जल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने की भारतीय परंपरा का महत्वपूर्ण पर्व है। चार दिवसीय इस उत्सव में नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य की विशेष महत्ता है। महासभा वर्षों से देहरादून में सामूहिक रूप से इस पर्व का आयोजन कर रही है।
*सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग
महासभा ने जिला प्रशासन और नगर निगम से छठ घाटों की सफाई, जल की गुणवत्ता, निर्बाध बिजली आपूर्ति, सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था सुनिश्चित कराने का आग्रह किया है। साथ ही राज्य सरकार से छठ महापर्व के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग भी दोहराई है, जिससे व्रतधारी और श्रद्धालु बिना किसी व्यवधान के धार्मिक परंपराओं का निर्वहन कर सकें।
*स्थायी भवन और रोजगार केंद्र बनाने की योजना
अध्यक्ष ललन सिंह ने बताया कि महासभा भविष्य में देहरादून में स्थायी बिहारी भवन स्थापित करने, प्रवासी सहायता हेल्पलाइन शुरू करने, रोजगार मेले आयोजित करने और कौशल विकास केंद्र विकसित करने की दिशा में काम करेगी। इसके साथ ही उत्तराखंड के सभी जिलों में संगठन की इकाइयों का विस्तार करने की योजना है।
पत्रकार वार्ता में सचिव चंदन कुमार झा, कोषाध्यक्ष रितेश कुमार, कार्यकारिणी सदस्य सुरेंद्र अग्रवाल, आलोक सिंह सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। महासभा ने मीडिया से छठ महोत्सव और संगठन की सामाजिक गतिविधियों को व्यापक प्रचार देने की अपील की।
संपर्क सूत्र:
*ललन सिंह (अध्यक्ष) – 9837128256
*चन्दन कुमार झा (सचिव) – 9548505857
*रितेश कुमार (कोषाध्यक्ष) – 9927804911

