(अनुज सेमवाल द्वारा)
देहरादून-केंद्रीय विद्यालय संगठन, देहरादून क्षेत्र की ओर से आयोजित क्षेत्रीय राष्ट्रीय एकता पर्व 2026-27 का दो दिवसीय आयोजन केंद्रीय विद्यालय ओएनजीसी, देहरादून में उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। समापन दिवस पर छात्र-छात्राओं ने गीत, नृत्य, कला और संगीत के माध्यम से देश की बहुरंगी सांस्कृतिक विरासत को मंच पर साकार किया।

‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ और ‘कला उत्सव’ की अवधारणा पर आधारित इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ देश की विविध लोक एवं शास्त्रीय परंपराओं से परिचित कराना रहा। कार्यक्रम में विभिन्न केंद्रीय विद्यालयों से पहुंचे प्रतिभागियों ने आत्मविश्वास और उत्कृष्ट प्रस्तुति से दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।

समापन दिवस पर EBSB समूह गीत (राष्ट्रीय) के साथ कला उत्सव की विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें कलाकृति (Artefacts), 2D एवं 3D कला, एकल शास्त्रीय नृत्य, गायन संगीत तथा एकल वाद्य संगीत प्रमुख रहे। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में कला के प्रति उनकी समझ, अनुशासन, मौलिकता और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जुड़ाव स्पष्ट दिखाई दिया।

प्रतियोगिताओं की निष्पक्षता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न विधाओं में विशेषज्ञ निर्णायकों की सेवाएं ली गईं। गायन संगीत में सुश्री मीरा, राहुल एस. मार्कंडे और सुदीप बडोनी ने निर्णायक की भूमिका निभाई। 2D-3D कला वर्ग का मूल्यांकन अमोल केशवरावजी राउत, डॉ. हरिओम शंकर और डॉ. ओम प्रकाश मिश्रा ने किया। वाद्य संगीत में अजय मिश्रा, विशाल मिश्रा और डॉ. पार्थ रॉय चौधरी निर्णायक रहे, जबकि कलाकृति वर्ग में डॉ. अर्चना शुक्ला, हरिओम शंकर और ओ. पी. मिश्रा ने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया।


दो दिनों तक चले इस आयोजन ने विद्यार्थियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ सांस्कृतिक संवाद और पारस्परिक सम्मान की भावना को मजबूत किया। परिणामों की घोषणा के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इस दौरान प्रतिभागी विद्यार्थियों के साथ उनके एस्कॉर्ट्स, शिक्षक, निर्णायक मंडल और आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों के योगदान की भी सराहना की गई।
समापन अवसर पर आयोजन स्थल के प्रधानाचार्य ने सभी प्रतिभागियों, निर्णायकों, शिक्षकों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इसके बाद राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का औपचारिक समापन हुआ।
राष्ट्रीय एकता पर्व का यह आयोजन इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि भारत की सांस्कृतिक विविधता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। विद्यार्थियों की कलात्मक अभिव्यक्तियों ने न केवल उनकी प्रतिभा को मंच दिया, बल्कि ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को भी प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त किया।

