केंद्र सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों पर पीआईबी देहरादून ने ऋषिकेश में आयोजित की एक दिवसीय मीडिया कार्यशाला ‘वार्ता’
– “लोक सेवा ही संकल्प- 12 साल विश्वास के, विकास के, जन कल्याण के” विषय पर केंद्रित पुस्तिका के अनावरण से शुरु हुई एक दिवसीय मीडिया कार्यशाला
– कार्यशाला में पिछले 12 वर्षों में प्रदेश में केंद्र सरकार की आर्थिक विकास और पर्यावरण विरासत पर केंद्रित योजनाओं पर हुई चर्चा
– रेल विकास निगम के मुख्य भू-वैज्ञानिक विजय डंगवाल ने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना के दौरान पर्यावरणीय दृष्टि का रखा गया विशेष ख्याल
– उत्तराखंड ग्रामीण बैंक ऋषिकेश के एचओडी (बिज़नेस) श्री रोहित बडोला ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के निर्देशन में अंतिम पायदान पर खड़े लोगों को पीएम स्वनिधि व रोज़गार से जुडी अन्य योजनाओं के माध्यम से ऋण देकर आर्थिक रूप से मजबूत किया जा रहा है
मंगलवार को पत्र सूचना कार्यालय, देहरादून, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा ऋषिकेश के रेल विकास निगम सभागार में एक दिवसीय मीडिया कार्यशाला ‘वार्ता’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे ऋषिकेश के मेयर श्री शम्भू पासवान। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री पासवान ने “लोक सेवा ही संकल्प- 12 साल विश्वास के, विकास के, जन कल्याण के” विषय पर केंद्रित 5 पुस्तिकाओं का अनावरण भी किया। इन पुस्तिकाओं में विकास भी विरासत भी , राष्ट्र प्रथम ही मन्त्र , राष्ट्र निर्माण ही मिशन , सशक्तिकरण ही सामर्थ्य और लोक सेवा ही संकल्प से सम्बंधित योजनाओं का विस्तृत विवरण किया गया है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री शम्भू पासवान ने बीते 12 वर्षों में भारत सरकार के आर्थिक विकास और पर्यावरण विरासत जैसे विषय पर केंद्रित योजनाओं के बारे में ‘वार्ता’ में मौजदू पत्रकारों, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दिशा निर्देशों में बहुत सारी लाभकारी योजनाएं समाज में अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंच रही है। जिनमें मुख्य रूप से लखपति दीदी, पीएम स्वनिधि, आयुष्मान, आवास, किसान योजना प्रदेश के सुगम-दुर्गम इलाके की जनता तक सीधे पहुंच रही हैं। वहीं उत्तराखंड के लिए मुख्य रूप से ऑलवेदर रोड, ऋषिकेश/कर्णप्रयाग रेल लाईन आदि विकास कार्य आज राज्य के लिए लाभकारी साबित हो रहे हैं।
वहीं रेल विकास निगम ऋषिकेश/कर्णप्रयाग प्रोजेक्ट के डीजीएम श्री ओमप्रकाश मालगुडी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा उत्तराखंड को दी गई सौगात रेल परियोजना की सराहना करते हुए कहा कि यह योजना विकास के रूप में एक मील का पत्थर साबित होने जा रही है। उन्होंने बताया कि ये रेल प्रोजेक्ट आज अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि रेल प्रोजेक्ट के लिए आबादी और पर्यावरण को बिना प्रभावित किये तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक 16 सुरंगों का निर्माण अंतिम चरण में चल रहा है। जो पांच जिलों से होकर जा रही है। वहीं रेल सुरंगों से प्रभावित होने वाले गांवों को प्राथमिकता के आधार पर सहायता पहुंचाई गई है।
वहीं रेल विकास निगम के मुख्य भू-वैज्ञानिक विजय डंगवाल ने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए बताया कि हिमालय के अंदर बड़ी विविधता है, उसको ध्यान में रखकर ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल प्रोजेक्ट का एलाइनमेंट तैयार किया गया है। वहीं पर्यावरणीय दृष्टि से भी प्रोजेक्ट को तैयार किया गया है। जिसके लिए डिजिटल मैप भी बनाया गया है। वहीं उन्होंने महत्वपूर्ण रूप से जानकारी दी कि रेल प्रोजेक्ट के दौरान सुरंगों से निकलने वाले पानी को अमृत सरोवर प्रोजेक्ट के रूप में विकसित किया जाएगा। जिससे पर्यावरणीय दृष्टि जल संरक्षण भी किया जा सके।
उत्तराखंड ग्रामीण बैंक ऋषिकेश के एचओडी (बिज़नेस) श्री रोहित बडोला ने मीडिया कार्यशाला में मुख्य बिंदुओं (आर्थिक विकास, पीएम स्वनिधि, मुद्रा योजना, के माध्यम से आमजन के सशक्तिकरण के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के निर्देशन में आज पूरे देश में आम व्यक्ति आर्थिक रूप से मजबूत होता जा रहा है। जिसके लिए बैंकों के माध्यम से आज हर व्यक्ति के पास स्वरोजगार पहुंचा है। जिसमें स्ट्रीट वेंडर महत्वपूर्ण रूप से अग्रणी है। जिसके लिए सरकारी योजनाओं के चलते हर व्यक्ति तक आर्थिक योजना पहुंचाई जा रही है। उन्होंने बताया कि आज पीएम स्वनिधि के माध्यम से ऋण देने का कार्य किया जा रहा है। हर व्यक्ति को डिजिटल बैंकिंग के द्वारा जोड़ा गया है। वहीं अर्बन क्षेत्रों में 7 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में 35 प्रतिशत सब्सिडी दी गई है।
पत्र सूचना कार्यालय, देहरादून (पीआईबी) के मीडिया एवं संचार अधिकारी श्री अनिल दत्त शर्मा ने बताया कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय मीडिया कर्मियों और राज्य के दूर-दराज के क्षेत्रों में काम कर रहे संवाददाताओं के साथ एक मजबूत समन्वय स्थापित करना है। ताकि सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों और योजनाओं की सही, सटीक और प्रामाणिक जानकारी समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंच सके। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तथा अनुभवी पत्रकारों ने प्रतिभाग किया। जिन्होंने विकासात्मक पत्रकारिता की भूमिका को रेखांकित करते हुए अपने विचार साझा किए।

