देहरादून-जनपद स्तरीय इंस्पायर अवार्ड प्रतियोगिता के आयोजन को लेकर आज दिनांक 7 फरवरी 2026 को श्री गुरु राम राय लक्ष्मण इंटर कॉलेज, देहरादून में मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढोंडियाल की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रतियोगिता की तैयारियों की समीक्षा की गई तथा आयोजन को सफल बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में जनपद समन्वयक सुधीर कांति ने जानकारी दी कि इंस्पायर अवार्ड प्रतियोगिता (बैच 2024-25) के अंतर्गत जनपद से चयनित कुल 235 छात्र-छात्राएँ इस प्रतियोगिता में प्रतिभाग करेंगे। यह प्रतियोगिता 9 एवं 10 फरवरी 2026 को श्री गुरु राम राय लक्ष्मण इंटर कॉलेज, देहरादून के परिसर में आयोजित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में जनपद के छह विकासखंडों से चयनित छात्र-छात्राएँ अपने-अपने नवाचार, नई खोजों एवं वैज्ञानिक सोच पर आधारित मॉडल और प्रोजेक्ट प्रस्तुत करेंगे। इन मॉडलों का मूल्यांकन नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन (NIF) की विशेषज्ञ टीम द्वारा किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की वैज्ञानिक सोच और मार्गदर्शन का लाभ मिलेगा।
जनपद समन्वयक सुधीर कांति ने यह भी बताया कि इस अवसर पर निदेशक मुकुल कुमार सती मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढोंडियाल, खंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती हेमलता गौड़ उनियाल सहित विभिन्न विकासखंडों के खंड शिक्षा अधिकारी भी उपस्थित रहकर प्रतिभागी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करेंगे।
बैठक में यह जानकारी दी गई कि जनपद स्तरीय इंस्पायर अवार्ड प्रतियोगिता की सभी तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं तथा आयोजन को सुव्यवस्थित और सफल बनाने के लिए विभिन्न समितियों का गठन भी किया गया है।
इस बैठक में विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री राकेश मोहन डबराल, धनंजय उनियाल, खंड समन्वयक दलजीत सिंह, सुरेंद्र कुमार सहगल, संजय मौर्य, पवन कुमार शर्मा, महावीर सिंह मेहता, गौतम सिंह पुण्डीर, आशीष डबराल, महावीर प्रसाद, नरेश कोटनाला, दिगम्बर सिंह नेगी, विजय द्विवेदी, रहेश रावत, आरती मंमगाई, भावना नैथानी, सिम्ता सेमवाल, अंजना, योगिता भट्ट, सारिका सिरोही, परविंदर कौर, राखी नौटियाल सहित अन्य शिक्षक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और रचनात्मकता को बढ़ावा देने का उद्देश्य है, जिससे भविष्य में वे देश के लिए उपयोगी खोजों और नवाचारों की दिशा में आगे बढ़ सकें।

