*शहीदों के सम्मान और क्षेत्रीय अस्मिता से समझौता नहीं होगा : मोर्चा नेताओं का ऐलान
देहरादून। उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा महानगर देहरादून ने नेपाली फार्म में क्षेत्रीय संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा चलाए जा रहे धरना-प्रदर्शन को समर्थन दिया। समिति का धरना लगातार 25वें दिन भी जारी रहा, जहां मोर्चा पदाधिकारियों ने पहुंचकर आंदोलनकारियों के साथ एकजुटता व्यक्त की।
मोर्चा नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार और स्थानीय विधायक जनभावनाओं की अनदेखी कर रहे हैं। उनका कहना था कि क्षेत्रीय वीरों, वीरांगनाओं और शहीदों को सम्मान देने के बजाय वहां राजनीतिक व्यक्तियों की मूर्तियां स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसका व्यापक विरोध जारी है।
प्रदेश महासचिव सुधीर राय रावत ने कहा कि उत्तराखंड के स्वाभिमान, शहीदों के सम्मान और क्षेत्रीय अस्मिता के मुद्दे पर किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य के प्रत्येक जनपद में शहीदों की स्मृति में “शहीद नमन स्थल” बनाए जाने की मांग को जोरदार तरीके से उठाया जाएगा और इसकी शुरुआत नेपाली फार्म से की जा रही है।
महानगर अध्यक्ष रामकुमार शंखधर ने सरकार को तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए आंदोलनकारियों की मांगें मानने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उचित निर्णय नहीं लिया गया तो देहरादून में मुख्यमंत्री के काफिले का घेराव किया जाएगा।
महानगर महासचिव कैप्टन पूरण सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार उत्तराखंड की अस्मिता, संस्कृति और जनभावनाओं की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी।
गढ़ी मयचक के प्रधान बॉबी रांगड़ ने आरोप लगाया कि सरकार हर मोर्चे पर विफल होने के बाद अब जनभावनाओं की उपेक्षा कर सार्वजनिक स्थलों का राजनीतिक उपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय के खिलाफ आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
पछवादून जिला अध्यक्ष शीशपाल पोखरियाल ने जनता से जागरूक होने का आह्वान करते हुए कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान, क्षेत्रीय गौरव और शहीदों की विरासत को बचाने के लिए समाज को एकजुट होना होगा। इस अवसर पर गौतम सिंह, शंकर दयाल घने, यशपाल असवाल, राजेंद्र सिंह रावत, कुलदीप चौहान सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

